Sunday, March 26, 2023
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DAVV Indore: पात्रता नहीं मिलने से विद्यार्थियों ने सीएम हेल्पलाइन पर की शिकायत

DAVV Indore: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पुरानी पद्धति के अंतर्गत स्नातक द्वितीय और अंतिम वर्ष की परीक्षा देने वाले विद्यार्थी परेशान हो रहे हैं। पात्रता प्रमाण पत्र बनाने के लिए देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने सिर्फ तीन दिन का समय दिया, जो खत्म हो गया है। सोमवार को विद्यार्थी प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे तो विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विभाग ने मना कर दिया। इससे नाराज छात्र-छात्राओं ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत कर दी। वहीं कुलपति डा. रेणु जैन ने 3 मार्च तक जितने भी विद्यार्थियों ने पात्रता के लिए आवेदन कर रखे हैं, उन्हें दो दिन में प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं।

बीए, बीकाम और बीएससी की अंतिम वर्ष की परीक्षा 15 मार्च से होगी। फरवरी के अंतिम सप्ताह में विश्वविद्यालय ने तय किया है कि पुरानी पद्धति से आखिरी बार परीक्षा करवाई जाएगी। इसमें 2019 से पहले वाले विद्यार्थियों को भी शामिल किया जाएगा। अब इन विद्यार्थियों को पात्रता प्रमाण पत्र बनवाना था, लेकिन विश्वविद्यालय ने इन तीन से चार हजार विद्यार्थियों को सिर्फ 1 से 3 मार्च तक का समय दिया। इस बीच कई छात्र-छात्राएं आवेदन करना भूल गए। प्रमाण पत्र बनाने के लिए कम समय दिए जाने से छात्र गुस्साए थे। सोमवार को कई विद्यार्थी प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने पहुंचे तो अधिकारियों ने मना कर दिया। बाद में कुछ विद्यार्थियों ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवा दी।

कुलपति ने तारीख बढ़ाने से किया मना

मामले में वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय चौरड़िया ने कुलपति डा. रेणु जैन से मुलाकात की। दोनों के बीच तीखी बहस हुई। मगर कुलपति ने पात्रता के लिए तारीख आगे बढ़ाने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि अंतिम वर्ष की परीक्षा का शेड्यूल जारी हो चुका है। अब फेरबदल करना संभव नहीं है। बाद में कुलपति ने 3 मार्च तक प्राप्त आवेदनों को दो दिनों के भीतर पात्रता प्रमाण पत्र बनाने के निर्देश दिए। कुलपति डा. रेणु जैन का कहना है कि पात्रता के लिए तारीख बढ़ाने से परीक्षाएं प्रभावित होंगी। इस वजह से 3 मार्च तक प्राप्त आवेदन वालों को प्रमाण पत्र देंगे।

गृह विज्ञान वाले नहीं दे सकते स्वाध्यायी परीक्षा

पुरानी पद्धति के अंतर्गत स्नातक द्वितीय और अंतिम वर्ष की परीक्षा में बैचलर आफ होम साइंस पाठ्यक्रम वाले विद्यार्थियों को दूर रखा है। वजह यह है कि इस पाठ्यक्रम में स्वाध्यायी परीक्षा देने का प्रविधान ही नहीं है। इस कारण सैकड़ों विद्यार्थी परेशान हो रहे हैं। इसके बारे में विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है।

Posted By: Hemraj Yadav

Mp

 


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