Saturday, June 3, 2023
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Karam Dam Leakage Case : केंद्रीय जल आयोग अप्रैल में करेगा कारम बांध का अवलोकन

Karam Dam Leakage Case : धार (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले के कारम बांध के अवलोकन के लिए केंद्रीय जल आयोग की टीम अप्रैल के प्रथम सप्ताह में आएगी। टीम बांध के क्षतिग्रस्त होने के कारणों की जानकारी लेगी। इसे नए सिरे से कैसे बनाया जाए, इसमें डिजाइन को लेकर किस तरह से कार्य किया जाए, इसके बारे में केंद्रीय जल आयोग के विशेषज्ञ राय रखेंगे। इसके लिए तैयारी शुरू हो चुकी है। अधिकारी दस्तावेज और जानकारी तैयार कर रहे हैं।

मालूम हो कि 14 अगस्त की शाम कारम बांध से पानी छोड़ा गया था। बांध का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाने से यहां से पानी निकलने के बाद धार जिले और खरगोन जिले के 21 से अधिक गांव में जल प्रलय की स्थिति बन सकती थी। गनीमत यह रही कि पानी सही तरह से निकल गया। इसमें किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। हालांकि व्यापक रूप से फसल की नुकसानी हुई थी।

इस मामले में एक और गंभीर बात यह भी सामने आई है कि जो कीमती मिट्टी खेती की थी, वह बह गई है। ऐसे में यहां के किसानों को अब खेत सुधार कार्यक्रम चलाना पड़ सकता है। बांध की पाल से पानी का रिसाव होने की जानकारी 12 अगस्त को प्रकाश में आ गई थी, तभी से इस रिसाव को रोकने के लिए दिन -रात प्रयास चलते रहे।

ऐसे में 14 अगस्त को पानी की निकासी कर बांध को फूटने से बचाने की कोशिश शुरू की गई। फिर भी इसमें कोई बड़ी राहत नहीं मिल पाई थी। ऐसे में बांध क्षतिग्रस्त हुआ और 14 अगस्त की शाम को कारम बांध में जितना भी पानी भरा था, वह बह गया। यह बांध पूरी तरह से खाली है।

जांच के आधार पर रिपोर्ट तैयार होगी

बांध के नए निर्माण की प्रक्रिया करने के पहले जांच होगी। बता दें कि बांध के क्षतिग्रस्त होने से 11 अधिकारी व कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है और ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड किया गया है। हालांकि बांध के पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी उसी ठेकेदार को रहेगी। दूसरी ओर अहम बात यह भी है कि नहरों के निर्माण के लिए भी प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में अब जल संसाधन विभाग द्वाराबताया जा रहा है कि बांध निर्माण के लिए पहल करने के लिए केंद्रीय जल आयोग टीम की रिपोर्ट महत्वपूर्ण रहेगी।

जल संसाधन विभाग ने बताया कि मैदानी स्तर पर तैयारी शुरू कर ली है। संभावना है कि अगस्त के प्रथम सप्ताह में कार्य पूरा कर लेगी। इसके पूरा होने के साथ ही इसमें हमें मार्गदर्शन भी प्राप्त हो जाएगा। जल संसाधन विभाग के सूत्रों का कहना है कि इसमें जल आयोग यह रिपोर्ट देगा कि संरचना को फिर से कैसे तैयार किया जाए या उसको पूर्ण रूप से तोड़ा जाए अथवा वर्तमान में जितना हिस्सा बचा है, उसको किस डिजाइन के आधार पर तैयार किया जाए। ऐसे कई प्रश्नों के उत्तर विभाग को केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट से ही मिल पाएंगे। इसके लिए विशेषज्ञों की टीम को यहां आमंत्रित किया गया था।

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Mp

 

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